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देवनार में जून 2026 तक शुरू होगा कचरे से बिजली संयंत्र, 7 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य

मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के 2026–27 के बजट दस्तावेज के अनुसार देवनार डंपिंग ग्राउंड पर बनाया जा रहा महत्वाकांक्षी वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्लांट अब जून 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। यह परियोजना पहले अक्टूबर 2025 तक पूरी होनी थी। संयंत्र के चालू होने के बाद प्रतिदिन 600 टन कचरे का प्रसंस्करण कर 7 मेगावाट स्वच्छ बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे मुंबई के सतत कचरा प्रबंधन और ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।
ठोस कचरा प्रबंधन (SWM) विभाग के अंतर्गत इस परियोजना के लिए वर्ष 2025–26 के संशोधित अनुमान में 364.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं 2026–27 के लिए विभिन्न कचरा प्रबंधन पहलों हेतु 580.82 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मुलुंड डंपिंग ग्राउंड पर 30 जून 2025 तक 48.13 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। शेष 22 लाख मीट्रिक टन कचरा मार्च 2026 तक हटाने का लक्ष्य है, जिससे लगभग 24 हेक्टेयर जमीन पुनः उपयोग के लिए उपलब्ध हो सकेगी।
देवनार में बायो-सीएनजी परियोजना के तहत महानगर गैस लिमिटेड (MGL) के साथ समझौता किया गया है। प्रस्तावित संयंत्र 500 टन प्रतिदिन ठोस कचरे का प्रसंस्करण करेगा और इसके अक्टूबर 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, देवनार में 110 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले 185 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे के बायोरिमेडिएशन पर 3035.55 करोड़ रुपये की लागत से काम जारी है, जिसे मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के प्रबंधन के लिए दहिसर और दैघर में 600-600 टन प्रतिदिन क्षमता वाले दो संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जहां नवंबर 2025 तक 2.30 लाख मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा चुका है। वहीं वर्सोवा और गोराई ट्रांसफर स्टेशनों के आधुनिकीकरण का कार्य जनवरी 2028 तक पूरा करने का प्रस्ताव है।

News Splash

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