अल मिस्बाह इंग्लिश स्कूल को खाली कराने की साजिश?

गोवंडी,अल मिस्बाह इंग्लिश स्कूल को लेकर इलाके में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल के एक ट्रस्टी स्कूल को खाली कराकर उसी जगह पर अपनी खुद की स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। ट्रस्ट के बायेलौज के हिसाब से ट्रस्ट की जगह कोई ट्रस्टी किराया पर ले नहीं सकते 2011 से ये स्कूल चल रही है
बताया जा रहा है कि संबंधित ट्रस्टी ने अभी से अपनी प्रस्तावित स्कूल के बैनर लगवाने शुरू कर दिए हैं और दाखिले (एडमिशन) के लिए प्रचार भी कर रहा है, जबकि अल मिस्बाह इंग्लिश स्कूल में इस समय करीब 600 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
छात्रों के परिवारों का कहना है कि ट्रस्टी को छात्रों के भविष्य की चिंता करने के बजाय अपने निजी फायदे की पड़ी है। उनका आरोप है कि ट्रस्टी स्कूल की जमीन को केवल किराये के नाम पर खाली करवाकर किसी दूसरे को ज्यादा किराये पर देना चाहता है? या फिर खुद उसी जगह नई स्कूल शुरू करना चाहता है? स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि ट्रस्ट की संपत्ति किसी एक व्यक्ति की निजी मिल्कियत नहीं होती, बल्कि वह अवाम की अमानत होती है। ऐसे में किसी ट्रस्टी द्वारा मनमाने फैसले लेना गलत है।
ट्रस्टी से कुछ छात्रों के लोग ने बात की जिसमें लोगों ने खुलकर अपनी नाराज़गी जाहिर की।सूत्रों ने कहा कि अगर नई स्कूल ज्यादा किराये पर जगह लेती है, तो वह अपना खर्च निकालने के लिए छात्रों की फीस बढ़ाएगी, जिसका सीधा बोझ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा।
वही इलाके के लोगो ने रजा जमा मस्जिद के अल्लामा व मौलाना हज़रत रहीम खान साहब से भी अपील की है के आप के होते हुए 600 छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है जब के खान साहब ने कौम के लिए बहुत काम किये है और हज़रत हमने आप का स्कूल समझ कर बच्चो का दाखिला करवाया आप इस ममले पर नज़रे करम करेंइ इलाके के लोगों ने मांग की है कि अल मिस्बाह इंग्लिश स्कूल को किसी भी हालत में हटाया न जाए और बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए। साथ ही प्रशासन से भी मांग की जा रही है कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए। इलाके के लोगों का कहना है कि स्कूल में पढाई बहुत अच्छी होती है अगर इस स्कूल को हटाया गया तो हम ट्रस्ट पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के लिए एजुकेशन मिनिस्टर के पास भी जाना पड़े तो हम जाएंगे इस मामले में न्यूज़ स्प्लेंश के प्रतिनिधि ने ट्रस्ट से सम्पर्क करने की कोशिश की पर सम्पर्क हो नहीं पाया




