गोवंडी (एम ईस्ट) में AIMIM के अंदरूनी मतभेदों के बाद को-कार्पोरेटर की कुर्सी पर कथित सौदेबाज़ी

शाहिद शौकत
गोवंडी के एम ईस्ट वार्ड में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के भीतर उभरे आंतरिक मतभेदों के बाद को-कार्पोरेटर पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के अंदर से यह खबरें सामने आ रही हैं कि इस पद के लिए लाखों रुपये की मांग की जा रही है, जिससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार हैदराबाद से गोवंडी के स्थानीय नेताओं को यह संदेश दिया गया है कि को-कार्पोरेटर पद के लिए वे अधिक प्रयास न करें, क्योंकि इस संबंध में फैसला हैदराबाद से लिया जाएगा। इस बयान के बाद पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में मायूसी और कई सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय स्तर पर जिन चारो नामों को इस पद का हकदार माना जा रहा है, उनमें अतीक खान,संबोधित कम्बले, एडवोकेट फैयाज़ आलम शेख और जावेद मुल्ला शामिल हैं। पार्टी समर्थकों का कहना है कि यदि इन तीनों के अलावा किसी और को यह जिम्मेदारी दी जाती है, तो इसे साफ तौर पर राजनीतिक खेल और सौदेबाज़ी माना जाएगा।
कार्यकर्ताओं और नागरिकों की मांग है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में पारदर्शी फैसला करे और ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी दे जो वास्तव में जनसेवा की भावना से काम करे, न कि किसी प्रकार के आर्थिक लेन-देन के आधार पर।
अब सबकी निगाहें AIMIM नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या पार्टी अपने दावों के अनुरूप पारदर्शिता और न्याय को प्राथमिकता देती है या नहीं।
