बांद्रा वेस्ट में ‘आपला दवाखाना’ के बगल में मौत का कारोबार: पुलिस की नाक के नीचे चल रहा ड्रग्स रैकेट!

बांद्रा वेस्ट में ‘आपला दवाखाना’ के बगल में मौत का कारोबार: पुलिस की नाक के नीचे चल रहा ड्रग्स रैकेट!
मुंबई (बांद्रा): देश की आर्थिक राजधानी और सपनों का शहर मुंबई, जहां एक तरफ चकाचौंध है, तो वहीं दूसरी तरफ इसके कुछ कोनों में एक ऐसा syaah सच पनप रहा है जो हमारी आने वाली पीढ़ी को खोखला कर रहा है। ताजा और बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है बांद्रा वेस्ट के शास्त्री नगर स्लॉटरहाउस कंपाउंड से।
कहने को तो इस इलाके में सरकार द्वारा जनहित के लिए ‘आपला दवाखाना’ चलाया जा रहा है, जहां गरीब और आम लोग अपनी बीमारियों का इलाज कराने आते हैं। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर और बेहद डरावनी है। इसी दवाखाने की दीवार से सटकर मौत और बर्बादी का असली धंधा—यानी ड्रग्स का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
बांद्रा पुलिस स्टेशन की हद में ये कैसा खेल!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा ड्रग रैकेट बांद्रा पुलिस स्टेशन की हद में, कानून व्यवस्था की नाक के ठीक नीचे अंजाम दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है, उसकी मौजूदगी के बावजूद उसकी अपनी हद में यह धंधा इतने बड़े पैमाने पर कैसे फल-फूल रहा है? क्या बांद्रा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में यह सब प्रशासन की अनदेखी के कारण हो रहा है ?
कौन हैं इस काले साम्राज्य के आका?
स्थानीय सूत्रों और ग्राउंड रिपोर्टिंग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करने वाली एक मां-बेटे की जोड़ी है। इस ड्रग्स रैकेट की मास्टरमाइंड रुखसाना और उसका बेटा हसन बताए जा रहे हैं।
हसन कोई नया नाम नहीं है; वह ड्रग्स तस्करी के मामले में पहले ही 7 महीने की जेल काट चुका है। लेकिन कानून और सजा का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि जेल से बाहर आते ही इस जोड़ी ने दोबारा अपनी आपराधिक गतिविधियों को और भी बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया।
”हम पुलिस को हफ्ता देते हैं…” — पेडलर्स का सरेआम दावा
जब भी कोई स्थानीय नागरिक या सामाजिक कार्यकर्ता इस काले धंधे के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो उसे चुप कराने के लिए यह मां-बेटे की जोड़ी एक बेहद संगीन और हैरान करने वाला दावा करती है। इनका खुलेआम कहना है—”हम पुलिस को हफ्ता देते हैं, पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती!”
यह दावा सीधे तौर पर पुलिस की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। क्या वाकई कानून व्यवस्था इतनी बेबस हो चुकी है? या फिर बांद्रा पुलिस स्टेशन की हद में कुछ लोगों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है ?
मुंबई पुलिस कमिश्नर से सीधी मांग
शास्त्री नगर का यह इलाका और बांद्रा के मासूम बच्चे आज एक गंभीर खतरे के मुहाने पर खड़े हैं। यदि इस रैकेट को तुरंत नहीं रोका गया, तो न जाने कितने घर बर्बाद हो जाएंगे।
हम इस रिपोर्ट के माध्यम से मुंबई पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों से पुरजोर मांग करते हैं कि इस ड्रग रैकेट पर बिना किसी देरी के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पुलिस के नाम पर हफ्ता वसूली का दावा करने वाले इन अपराधियों और इस मामले में शामिल संदिग्धों की भी गहन जांच होनी चाहिए।




