ईमानदारी और मुस्तैदी की मिसाल बनी विक्रोली पुलिस, रिक्शा में छूटे 12 लाख के सोने के गहने महिला को लौटाए

मुंबई: अक्सर खोई हुई कीमती वस्तुओं के वापस मिलने की उम्मीद बहुत कम होती है, लेकिन विक्रोली पुलिस ने अपनी तत्परता और ईमानदार कार्यशैली से एक बार फिर लोगों का विश्वास मजबूत किया है। रिक्शा में भूलवश छूट गए लगभग 8 तोला सोने के आभूषणों को खोजकर पुलिस ने उन्हें उनकी मालकिन को सुरक्षित वापस सौंप दिया।
कन्नमवार नगर-2, विक्रोली पूर्व निवासी और पेशे से शिक्षिका मंजुला विनायक दिघे (39) अपने गांव से लौटने के बाद विक्रोली रेलवे स्टेशन से रिक्शा द्वारा घर पहुंची थीं। घर पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि सोने के आभूषणों से भरा उनका पर्स रिक्शा की पिछली सीट पर ही छूट गया है। पर्स में करीब 12 लाख रुपये मूल्य के मंगलसूत्र, हार और सोने की बालियां रखी हुई थीं।
घटना की सूचना मिलते ही विक्रोली पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस निरीक्षक महेश जाधव के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक योगेश चिंचोले और क्राइम डिटेक्शन टीम ने बिना समय गंवाए विक्रोली स्टेशन से कन्नमवार नगर तक के रास्ते में लगे करीब 30 से 35 सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
लगातार की गई जांच के बाद पुलिस ने संबंधित रिक्शा का नंबर और चालक का पता लगा लिया। जब रिक्शा चालक से संपर्क किया गया तो महिला का पर्स और उसमें रखे सभी आभूषण सुरक्षित अवस्था में बरामद हुए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी गहने मंजुला दिघे को वापस सौंप दिए गए।
इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक योगेश चिंचोले, पुलिस हवलदार चौहान, सोनजे, मोटे तथा पुलिस सिपाही दंडगोहाल और उंदरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विक्रोली पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक परिवार की खुशियां लौटाईं, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।


