गोवंडी,जनता-प्रेम का सीज़न ओपन! गटर सफाई से लेकर चाय की चुस्की तक, नेताओं की ग्रैंड एंट्री”
मनपा चुनाव का बिगुल बजते ही शहर की गलियों में चुनावी हलचल तेज़ हो गई है। पाँच साल तक जनता से दूरी बनाए रखने वाले कई इच्छुक उम्मीदवार जो खुद को समाजसेवी बताते नहीं थकते अब गली-गली घूमकर “जनसेवा” का परचम लहरा रहे हैं।

मुंबई गोवंडी, मनपा चुनाव का बिगुल बजते ही शहर की गलियों में चुनावी हलचल तेज़ हो गई है। पाँच साल तक जनता से दूरी बनाए रखने वाले कई इच्छुक उम्मीदवार जो खुद को समाजसेवी बताते नहीं थकते अब गली-गली घूमकर “जनसेवा” का परचम लहरा रहे हैं।
गोवंडी, समाजसेवी जो पहले साफ सुथरी सड़क पर नजर नहीं आते थे पर आज गली के गटरों में झांकते, स्कूल के बच्चों को किताबें बाँटते और लड़कियों के लिए मुफ़्त क्लास शुरू करते नजर आ रहे है जिसकी तस्वीरें आज सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। जो नेता कल तक सिर्फ पोस्टरों पर दिखते थे, आज खुद के पैसों से नालियां साफ़ करवाकर मोहल्लों में लोगो को चाय पिला रहे हैं।
चुनावी मैदान में कूदे कुछ नए चेहरे और छेत्रो से गायब होने वाले पुराने नेता अब ऐसे छेत्रो में घूमकर अभियान चला रहे हैं मानो जैसे उनसे बड़ा कोई जनता का प्रेमी ही नहीं है और यह पिछले नगरसेवक और जनप्रतिनिधियों की थोड़ी-सी कमियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे है। यह सच है कि कई पूर्व नगरसेवक अपने कार्यकाल और कार्यकाल खत्म होने के बाद भी जनता की सेवा में लगे रहे—पर अब उनकी मेहनत पर पर्दा डालकर, उनकी छोटी-छोटी चूकों को मुद्दा बनाकर, खुद को जनता का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने की कोशिश हो रही है।
“प्रधानमंत्री के चाय पे चर्चा” का संस्करण अब गोवंडी की सड़को पर दिखने लगा है जो नेता पहले पान की दुकान या चाय की टपरी के सामने खड़े होना भी पसंद नहीं करते थे, वे अब वहीं बैठकर प्याली में चुस्कियाँ लेते, सेल्फी खिंचवाते हुए वोटरों को चुनावी मीठास पिला रहे हैं।




