बिना अनुमति निवेश योजना चलाने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई, चार गिरफ्तार

मुंबई: बड़े निवेशकों को आकर्षक मुनाफे का लालच देकर कथित तौर पर अवैध तरीके से निवेश स्वीकार करने वाली “AI Origin / Digital Origin” नामक कंपनी के खिलाफ मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में कंपनी के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, बड़े निवेशकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए अप्रैल 2026 में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के तहत आर्थिक अपराध जांच इकाई (EIU) का गठन किया गया था। गुप्त सूचना के आधार पर पता चला कि उक्त कंपनी AI Origin.in वेबसाइट, व्हाट्सऐप ग्रुप और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में आयोजित सेमिनारों के माध्यम से लोगों को कथित अवैध निवेश योजनाओं की जानकारी देती थी।
कंपनी द्वारा प्रचार के जरिए निवेशकों को कम अवधि में असामान्य और लगातार निश्चित मुनाफा देने का लालच दिया जाता था। इसके अलावा ‘सब्सक्राइबर जोड़ी दोगुनी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से निवेशकों को अधिक रकम लगाने के लिए आकर्षित किया जाता था।
जांच में सामने आया कि कंपनी के अधिकारी श्रीकृष्ण पांडुरंग चौहान, अंकुश शांताराम पाटील और सुभाष यशवंत पेंडसे सहित अन्य लोग कथित तौर पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) जैसे सक्षम प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमति या पंजीकरण प्राप्त किए बिना निवेश स्वीकार कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से 30 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निवेश के रूप में जुटाई गई।
कंपनी के ठाणे, पालघर, पिंपरी-चिंचवड़, सांगली, सातारा, कोल्हापुर और सोलापुर में नए कार्यालय शुरू किए गए थे या शुरू करने की तैयारी थी। इसके अलावा कर्नाटक और गोवा में एजेंटों के माध्यम से गतिविधियां चलाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
इस मामले में 12 जून 2026 को पंचनगर पुलिस थाने में कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामला महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस ने 14 जून 2026 को श्रीकृष्ण पांडुरंग चौहान, अंकुश शांताराम पाटील, डॉ. सुदेश मोहिते और सुभाष पेंडसे को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान विभिन्न स्थानों से 12 लाख 8 हजार रुपये नकद, 9 बैंक खातों की पासबुक, एक बीएमडब्ल्यू कार, एक वर्ना कार तथा 7 लैपटॉप/डेस्कटॉप जब्त किए गए हैं।
इस कार्रवाई में आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस के मुताबिक मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध जांच इकाई द्वारा जारी है।




