दहीहंडी उत्सव के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका की स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार

घायल गोविंदाओं को मुफ्त इलाज देने के निर्देश अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे
मुंबई के प्रमुख और उपनगरीय अस्पतालों में 100 से अधिक बेड तैयार
पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में दहीहंडी उत्सव बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गोविंदा इसमें भाग लेते हैं। मुंबई शहर के साथ-साथ पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में दहीहंडी को यादगार बनाने के लिए विभिन्न गोविंदा पथक लगातार प्रयास करते हैं। गोकुलाष्टमी के दिन दहीहंडी के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका प्रशासन ने सभी अस्पतालों को विशेष रूप से सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायल गोविंदाओं को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) श्रीमती प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने दिए हैं।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधीन आने वाले अस्पतालों के अधिष्ठाता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और चिकित्सा अधीक्षकों को गोविंदाओं के इलाज के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंबई की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले दहीहंडी उत्सव के दौरान गोविंदाओं के घायल होने की संभावना को देखते हुए सायन स्थित लोकमान्य तिलक सर्वोपचार अस्पताल, परेल स्थित राजे एडवर्ड स्मारक (के.ई.एम.) अस्पताल और मुंबई सेंट्रल स्थित नायर अस्पताल में विशेष उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा 16 उपनगरीय अस्पतालों में कुल 105 बेड तैयार रखे गए हैं। इन अस्पतालों में प्रत्येक जगह 5 से 10 बेड की व्यवस्था की गई है।
इस व्यवस्था के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मामूली रूप से घायल गोविंदाओं को प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया जाएगा। वहीं गंभीर रूप से घायल और लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता वाले गोविंदाओं को भी अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए महानगरपालिका ने तीन शिफ्टों में चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की है।
महानगरपालिका के अस्पतालों में सभी आवश्यक दवाइयां, इंजेक्शन, सर्जिकल सामग्री और पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एक्स-रे और अन्य आवश्यक मशीनों को भी तैयार रखा गया है। इस दौरान सभी अस्पतालों के डॉक्टरों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश महानगरपालिका प्रशासन की ओर से दिए गए हैं।



