विषैला पदार्थ पिलाकर हत्या, हादसे का रूप देने की कोशिश नाकाम

विषैला पदार्थ पिलाकर हत्या, हादसे का रूप देने की कोशिश नाकाम
आरसीएफ पुलिस की गहन जांच में हत्या का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
मुंबई: आरसीएफ पुलिस ने एक महिला को कथित तौर पर विषैला पदार्थ पिलाकर उसकी हत्या करने और मामले को आकस्मिक मौत का रूप देने की कोशिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस की सतर्कता और गहन जांच के बाद हत्या का सच सामने आया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त 2026 की रात करीब 11:30 बजे चेंबूर स्थित मैसूर कॉलोनी के बंगला क्रमांक 57-जी में विष्णुमाया नामक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर आरोपी ने घटना को स्वाभाविक अथवा किसी अन्य कारण से हुई मौत बताकर पुलिस की जांच को गुमराह करने का प्रयास किया।
हालांकि, आरसीएफ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध जानकारी और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान आरोपी आशिष मगर पर संदेह गहराया।
जांच में सामने आया कि आरोपी आशिष मगर ने मृत महिला के शरीर पर संदेह पैदा करने वाली परिस्थितियां बनाने के साथ उसे विषैला और घातक पदार्थ पिलाया था। इसके कारण महिला की मौत होने की बात जांच में सामने आई।
इस मामले में मीनाक्षी मीरा रई उर्फ आशा, उम्र 40 वर्ष, की शिकायत के आधार पर आरोपी आशिष मगर के खिलाफ आरसीएफ पुलिस थाने में गु.र.क्र. 546/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत 28 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक रामदास पाटील कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी द्वारा बनाई गई कहानी अब जांच में टिक नहीं पाई और घटनाक्रम के पीछे की सच्चाई सामने आ गई है।
इस कार्रवाई में पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त पूर्व प्रादेशिक विभाग धनंजय कुलकर्णी, पुलिस उपायुक्त पूर्व परिमंडल-9 समीर शेख, सहायक पुलिस आयुक्त क्राइम विभाग प्रमोद कोकाटे तथा वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दत्तात्रय पाटील के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच में पुलिसकर्मियों रामदास पाटील, पोउपनि प्रेमनाथ महाजन, पोहवा विनोद शिंदे, पोशि कृष्णात अवधाते, पोशि अमोल लटके, पोशि शुभम सनस और पोशि प्रशांत पाटील का भी योगदान रहा।




