
वोटर लिस्ट की पुष्टि ने 22 साल से बिछड़े बेटे को माता-पिता से मिलाया
शाहिद शौकत
नागपुर,महाराष्ट्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR-2026) अभियान के दौरान वोटर लिस्ट सत्यापन करते समय एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक घटना सामने आई। इस अभियान में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। इसी दौरान करीब 24 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े एक व्यक्ति को उसके माता-पिता से मिलाने में सफलता मिली।
यह घटना सोलापुर जिले के अक्कलकोट तालुका की है। यहां तैनात BLO अनिल चौबे जब सत्यापन के लिए एक घर पहुंचे, तो वहां रहने वाले व्यक्ति का नाम, जिला और अन्य जानकारी दर्ज करते समय उन्हें कुछ संदेह हुआ। बातचीत के दौरान पता चला कि वह व्यक्ति अपने परिवार से वर्षों पहले बिछड़ गया था और उसे अपने माता-पिता का सही पता नहीं मालूम था।
अनिल चौबे ने मामले को गंभीरता से लिया और अन्य BLO साथियों तथा स्थानीय प्रशासन की मदद से जांच शुरू की। कई दिनों की मेहनत के बाद उस व्यक्ति के असली परिवार का पता लगाया गया। जानकारी मिलते ही परिवार से संपर्क किया गया और आखिरकार करीब 24 साल बाद माता-पिता और बेटे का मिलन हुआ।
जब बुजुर्ग माता-पिता ने अपने बेटे को देखा तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिवार के अन्य सदस्य भी भावुक हो गए। लंबे समय बाद हुए इस मिलन ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
इस घटना की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। लोगों ने BLO अनिल चौबे की संवेदनशीलता, मेहनत और मानवता की सराहना की है। प्रशासन का कहना है कि SIR-2026 केवल मतदाता सूची को अद्यतन करने का अभियान नहीं है, बल्कि कई बार ऐसे मानवीय कार्यों का माध्यम भी बन जाता है, जो लोगों की जिंदगी में खुशियां लौटा देते हैं।




