बॉलीवुड फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर बड़ी दुस्साहसिक वारदात,खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच अफसर बनकर कारोबारी का किया अपहरण,1 करोड़ की मांगी रंगदारी

मुंबई की अंधेरी पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार,वारदात में पीड़ित का पूर्व ड्राइवर भी था शामिल,एक साल पहले नौकरी से निकाला गया था
बॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘स्पेशल 26′ का प्लॉट अब असल जिंदगी में दिख रहा है, जहाँ मुंबई के अंधेरी इलाके में खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बताकर एक नामी कारोबारी का उनके ही घर के बाहर से अपहरण करने और 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
इस वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है,मामला सामने आने के तुरंत बाद अंधेरी पुलिस स्टेशन की टीम हरकत में आई और 4 सितंबर 2026 को 9 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
पुलिस ने पुणे और मुंबई से आरोपियों को गिरफ्तार किया
आरोपियों की पहचान संतोष उदय खोपटकर(37),विनय रमेश मोरे(37),प्रेम किसन सबनानी(50),प्रज्ञा हरीश माईन(27),रेशमा शामराव वारंग(41) और सबीना हाफिज शेख(48) के रूप में हुई है।
अन्य फरार आरोपियों की पहचान शबीना शेख (48), जितेंद्र मोरे और अशोक शिंदे (57) के रूप में हुई है जिनकी तलाश जारी है
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े ने बताया कि इस वारदात में पीड़ित का ड्राइवर संतोष खोपटकर भी शामिल था और उसी ने अन्य आरोपियों को पीड़ित के बारे में सारी जानकारी दी थी,पीड़ित ने उसे एक साल पहले नौकरी से निकाल दिया था। आरोपी सबनानी के खिलाफ इसी तरह के 3 और मामले दर्ज हैं। यह गिरोह हर बार अलग-अलग लोगों को लेकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देता है।
घटना 17 जुलाई 2026 की है,साकीनाका के रहने वाले पीड़ित व्यापारी राजकुमार कंडासामी (49) अंधेरी पूर्व स्थित चकाला के सहार कार्गो एस्टेट में टु एम ऑप्थोट्रॉनिक्स प्रा. लि. नाम से आंखों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का कारोबार करते हैं,उनके दफ्तर के कर्मचारी ज्ञान सुभाष नैनार का घबराया हुआ फोन आया,कर्मचारी ने बताया कि दफ्तर में इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच की रेड पड़ी है,फर्जी अधिकारियों ने सभी 11 कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए और सीसीटीवी कैमरे भी बंद करवा दिए। इसके तुरंत बाद फोन पर एक अज्ञात ठग ने गरजते हुए व्यापारी से कहा कि मैं इनकम टैक्स से बात कर रहा हूं,आपके ऑफिस में रेड पड़ी है। तुरंत आओ वरना उठाकर ले जाएंगे।
धमकी से सहमे व्यापारी अपनी पत्नी प्रिया के साथ फौरन दफ्तर जाने के लिए निकले और उबेर कैब बुक की,लेकिन जैसे ही वे अपनी सोसाइटी के गेट पर पहुंचे, बाइक सवार दो संदिग्ध वहां आ पहुंचे,एक शख्स ने खुद को फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर इनकम टैक्स अधिकारी बताया और डरा-धमकाकर व्यापारी दंपति को उन्हीं की बुक की हुई कैब में जबरन बैठा लिया,आरोपियों ने दोनों के फोन छीन लिए और रास्ते में अपनी एक अन्य महिला साथी और अन्य पुरुष सहयोगियों को पीछे आने का इशारा किया,वे व्यापारी और उनकी पत्नी को जबरदस्ती उनके ही दफ्तर ले पहुंचे..
दफ्तर पहुंचने पर वहां कुल 6 पुरुष और 3 महिलाएं मौजूद थीं,जो खुद को फर्जी जांच दल बता रही थींएक आरोपी ने फर्जी सर्च वारंट दिखाकर व्यापारी के दस्तखत करवाए और पेटी कैश के नियमों का हवाला देते हुए 1.70 लाख नकद लिए और 1.44 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी,इसके बाद एक अन्य आरोपी ने मामले को रफा-दफा करने और गिरफ्तारी से बचने के एवज में 1 करोड़ रुपये की मांग की। जब व्यापारी ने आधिकारिक कानूनी नोटिस की मांग की, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी और वहां से निकल गए।
आरोपियों के जाने के बाद व्यापारी ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट और इनकम टैक्स विभाग से संपर्क किया,तब जाकर इस पूरी फर्जी रेड का भंडाफोड़ हुआ,ठगी का अहसास होते ही व्यापारी ने अंधेरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा २०४,२०५,३३३, १४० (२), १२७ (१), ३५१(२) और ३०८ (४) के तहत मामला दर्ज़ किया गया..मामला दर्ज करने के बाद सहायक पुलिस निरीक्षक रामदास कदम और उनकी टीम ने 50 जगहों की सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद 6 आरोपियों को धर दबोचा,जबकि 3 अन्य की तलाश जारी है।




